छत्तीसगढ़देश

यहां कई दशको से सप्ताह भर पहले मनाई जाती हैं होली

सूरजपुर । होली आने में भले ही अभी एक सप्ताह से ज्यादा का समय शेष हैैं। लेकिन सूरजपुर जिले में कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे हैं, जहां सप्ताह भर पहले होली मनाने की परम्परा है। कई दशकों पहले से चली आ रही इस परंपरा में इन क्षेत्रों में धूमधाम से समय से पूर्व लोग होली मनाते हैं। जिले का धार्मिक क्षेत्र कुदरगढ़, बेदमी एवं ओड़गी ब्लॉक के कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां परंपरानुसार होली निर्धािरत तिथि से पूर्व ही होली का त्यौहार मनाया जाता है। ग्रामीणों का मानना है कि होली की निर्धारित तिथि में होली मनाने में कुछ- न- कुछ अनहोनी हो जाती है। ग्रामीणों के रीति-रिवाज के चलते बुधवार को कुदरगढ़ी देवी धाम में स्थानीय पुजारी द्वारा मां कुदरगढ़ी को रंग गुलाल सहित अन्य सामग्री अर्पित कर पूजा के बाद यहां धुमधाम सें होली पर्व का शुभारंभ किया गया।

मंगलवार की रात यहां पर होलिका का दहन किया गया जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा मां कुदरगढ़ी के भक्त एवं दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से लोग शामिल हुए। बुधवार को रंग-गुलाल लगाकर लोगों ने होली मनाई। इसी विकासखंड क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बेदमी में मंगलवार की आधी रात को होलिका जलाई गई । वहां बुधवार को होली, स्थानीय पाट देवता की पूजा के बाद मनाया गया। इसी तरह ओड़गी ब्लाक के कई ऐसे गांव हैं, जहां होली पहले मनाने की परम्परा है जो वर्षों से चली आ रही है। लेकिन मां कुदरगढ़ी देवी धाम और बेदमी में होली की रौनक कुछ अलग ही होती हैं। ग्रामीणों का मानना है कि होली के दिन अगर वे होली मनाएं तो कुछ अनहोनी हो जाएगी। हांलाकि इसका कोई सबूत नहीं दे पाते। अलबत्ता यह जरूर है कि ग्रामीण दावा करते हैं कि वर्षों से यह परम्परा है, जिसका वे निर्वहन कर रहे हैं।

कुदरगढ़ स्थित देवी धाम में फागुन मास की पंचमी तिथि को ही सम्मत जलाकर छठवीं को धूल उड़ाया गया और जमकर रंग-अबीर खेल कर होली का पर्व मनाया गया। इस दौरान ढोल, नगाड़े के साथ समूचा गांव मस्ती में था। कुदरगढ़ के साथ-साथ धूर, चपदा, बभना सहित आसपास के अन्य गांव के लोगों ने भी होली का पर्व उत्साह से मनाया। कुदरगढ़ के मुख्य बैगा रामकुमार बंछोर की अगुवाई में बैगा समाज द्वारा ढोल -मांदर के साथ मां बागेश्वरी को पहले रंग – गुलाल लगाकर ग्रामीणों ने होली मनाया।

इस दौरान जनपद सदस्य राजेश तिवारी, दिलसाय चेरवा, रामअवतार कुर्रे, दिनेश, केशव राजवाड़े, रवि गुप्ता, संतोष सिंह, मोहन राजवाड़े, चंद्रमोल, जगनारायण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहेंं। उक्त ग्रामीणों ने बताया कि यह हमारी वर्षों पूर्व की परंपरा है। इसका पालन न करने पर गांव में कुछ-न-कुछ अनहोनी होती रही है। बेदमी में ग्रामीण, बैैैगा की उपस्थिति में पूूजा पाठ की तैयारियों में जुटे हुए हैं। साथ ही पूजा होने के बाद यहां मेले का आयोजन हुआ है। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित होकर होली खेलने के लिए शामिल हुए।

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